
ना सांस चलती है, ना ही जान जा रही हैआज बेसबब तेरी ..
मर के भी ख्वाहिश यही होगीमरने के बाद भी तुझसे मोहब्बत ..
अपनी किस्मत का दोष नहीं शायदउसकी फितरत में बस इतनी ..
तन्हा मैं तन्हाई से बात करता हूँउजालों में परछाई ..
सुबह बेचैन, रात उदास थीमेरी आँखों को तेरी तलाश ..
दर्द है मगर, किस से कहें ?खो गया वो धुंद में न जाने ..
फूल होंगे और काँटों की चुभन सहना पड़ जायेगासोचा ..
तेरी बेवफाई से कुछ सीखने को जी करता हैमेरी मोहब्बत ..
दीवारों से बात तन्हाइयों से मुलाक़ात करते हैंतेरे ..
Aakhri Mulaqaat Thi by Chandra Narayan Gupta is a heartbreaking Shayari. When you are meeting him/her for the last time and you know ..